कुछ दुखडा सुनाता हूँ....
आज रात नई है फ़िर से...
पर गीत वही गाता हूँ.....
तुम्हारे चेहरे पर कसक सी देखि,
चाहा तुम्हे मर्ज़ की दावा दिलाता हूँ.....
आज नए राह पर खड़ा हूँ....
पर गीत वही गाता हूँ......
चाहा था तुमको भी चाँद से देखूं,
हकीकत नही, सपनो की बात बताता हूँ....
आज हालात् नई है फ़िर से....
पर गीत वही गाता हूँ.....
कभी अपनी उमर तुम्हे दे दूँ...
कभी तेरी वफाई के राग सुनाता हूँ.....
आज बात नई है फ़िर से....
पर गीत वही गाता हूँ.....
मेरा मुक्कदर किस ने लिखा...
तुम्हे अपना मुक्कदर सुनाता हूँ...
आज मंजिल नई है फ़िर से...
पर गीत वही गाता हूँ.....
रचनाकार - आनंद मिश्रा।
3 comments:
Just Awesome
ultimate ...
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too good.
will be waiting for read more such creativities.
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