उन रास्तो पर पत्थर बहुत हैं,
जिनपर मैं संभालता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
कभी अपनी बेखुदी का हश्र न सोचा,
अपने ही दिल की आग में जलता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
कोई मुझसा न होगा किस्मतवाला,
अब किसी किस्मत से नही डरता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
क्या हूँ उनका, कौन हूँ मैं,
क्यूँ उनके आंसुओं से डरता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
मैं कोई बर्फ का टुकड़ा तो नही,
फ़िर क्यूँ उनके पास आकर पिघलता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
मेरे रस्ते के हमसफ़र सिर्फ़ वो हीं तो नही,
फ़िर उनके ही रास्तों से क्यूँ गुज़रता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
आज फ़िर मेरे रस्ते में एक पत्थर आया,
अब सिर्फ़ पत्थरों के बीच से गुज़रता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
क्यूँ देखता होगा, मुझे कोई आख़िर,
मैं कोई हीरा नही जो चमकता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
क्या पाया हमने उनको पाकर,
उनको खोने से इतना क्यूँ डरता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
कैसा पागल हूँ, दीवाना हूँ,
उनको सोचकर ही मचलता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
कितना मासूम हूँ कैसे कहूं,
उन्ही की बातों से बहलता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
मैं कहीं वक्त का पर्याय तो नही,
क्यूँ अपने ही वजूद को तरसता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
अपने हंसने के दिन तो अब आते ही नही,
उनकी हँसी पर अब आए दिन हँसता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
चंद लम्हों की बात और होती है,
हर साँस में जीता और मरता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
अपनी राह का मुसाफिर मैं अकेला तो नही,
फ़िर सुनी गलियों से क्यूँ गुज़रता हूँ।
थोड़ा रुकता हूँ उनको देखकर,
उन्ही को देखकर चलता हूँ॥
यही सच है, मैं अकेला हूँ,
कभी चलता हूँ, कभी ठहरता हूँ।
सुनी राहों का वारिश हूँ,
क्या रुकता हूँ, क्या चलता हूँ॥
हर मोड़ पर किसको खोजता हूँ,
कभी आगे, कभी पीछे मुड़ता हूँ।
किसको देखकर थोड़ा रुकता हूँ,
किसको देखकर मैं चलता हूँ॥
सुनी राहों का वारिश हूँ मैं,
क्या रुकता हूँ, क्या चलता हूँ!!
रचनाकार - आनंद मिश्रा।
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